अनिश्चित कालीन क्रमिक भूख हडताल पर बैठे वंशानुगत मछुआ ढीमर समाज की मांगे पूर्ण किये जाने सबंध में।

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  • हम वंशानुगत मछुआ (ढीमर) समाज के अंतिम छोर के समस्त व्यक्ति हैं, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी केवल मछली मारने का व्यवसाय किया है एवं हम उसी कार्य पर पूर्णतः आश्रित हैं। हम आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि हम वंशानुगत ढीमर मछुआरा समाज के हक एवं अधिकार हेतु 09 सूत्रीय मांगों को लेकर अपने हक और अधिकार की लड़ाई विगत 2 वर्षों से लड़ते आ रहे हैं।
  • इसी तारतम्य में हम दिनांक 07/09/2026 से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। किन्तु खेद का विषय है कि आज दिनांक तक न तो हमारी समस्याओं का निराकरण हुआ है और न ही हमें न्याय मिल पाया है। पूर्व में भी ज्ञापन के माध्यम से हमने आपको अवगत कराया था कि जब तक हमारी 09 सूत्रीय मांगें पूर्ण नहीं हो जाती, हम अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
  • महोदय जी से अंतिम निवेदन है कि हमें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि त्वरित न्याय चाहिए। कृपया हमारी 09 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र विचार कर उचित न्याय प्रदान करने की कृपा करें।
  • हमारी पहली प्राथमिक मांग है कि प्रभारी उपायुक्त सहकारिता को तत्काल प्रभार से हटाया जावे
  • हमारी 09 सूत्रीय मांगें निम्नानुसार हैं :-
  1. सहकारिता विभाग के वर्तमान प्रभारी उपायुक्त का प्रभार तुरंत समाप्त किया जावे एवं किसी अन्य योग्य, निष्पक्ष एवं ईमानदार अधिकारी को प्रभार सौंपा जावे। इनकी कर्तव्यहीनता एवं अनदेखी के कारण मछुआरा समाज को 2 वर्षों से न्याय नहीं मिल पाया है। इनकी शह पर मत्स्य समितियों के अध्यक्षों द्वारा मनमानी की जा रही है एवं वंशानुगत मछुआरों को समिति से बाहर किया जा रहा है।
  2. जिला स्तरीय निष्कासन समिति द्वारा लिये गये निर्णयानुसार ऐसे सदस्य जिन्होंने आज दिनांक तक दस्तावेज जमा नहीं किये हैं, चूंकि प्रमाणक जमा नही करने के कारण इनके वंशानुगत मछुआ जाति के होने न होने की जानकारी अपुष्ट है अतैव ऐसे सदस्यों के निष्कासन की कार्यवाही तुरंत की जावे एवं कार्यवाही विवरण पर जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष के हस्ताक्षर कराकर आदेश का पालन कराया जावे। (मत्स्य विभाग द्वारा बताया गया है कि माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा हस्ताक्षर किये जा चुके है किंतु सहकारिता विभाग द्वारा पालनार्थ किया जाना बाकी है)
  3. प्रभारी उपायुक्त महोदय सहकारिता द्वारा द्वेषतापूर्वक समिति के कार्यक्षेत्र संशोधन में धारा-12 के स्थान पर धारा-11 का उपयोग कर संशोधन की कार्यवाही को नस्तीबद्ध (दबा दिया गया) कर दिया गया है। अतएव लालबर्रा ब्लॉक अंतर्गत आने वाली 05 मत्स्य सहकारी समितियों के विसंगतिपूर्ण कार्यक्षेत्रों में धारा-12 के तहत संशोधन एवं मत्स्य विभाग द्वारा की गई अनुशंसा अनुसार भौगोलिक स्थिति के आधार पर नवीन सुसंगत कार्यक्षेत्र बनाये जाने की कार्यवाही की जावे।
  4. फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों की लंबित जांच रिपोर्ट जो अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) वारासिवनी के पास लंबित है, उसे तुरंत राज्य स्तरीय छानबीन समिति, भोपाल को प्रेषित की जावे एवं 15 दिवस के भीतर फर्जी प्रमाण पत्र निरस्त कर दंडात्मक कार्यवाही की जावे।
  5. कार, मांझी जाति के नाम से फर्जी जाति प्रमाण पत्र न बनाया जा सके, अतः इस पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाये जाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी वारासिवनी एवं श्रीमान तहसीलदार महोदय लालबर्रा को तुरंत पत्राचार किया जावे।
  6. मत्स्य विभाग द्वारा वंशानुगत मछुआ जाति के व्यक्तियों की पहचान हेतु एक स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की जावे। मत्स्य नीति 2008 में उल्लेखित प्राथमिकता क्रम (वंशानुगत मछुआ को प्रथम प्राथमिकता) के आधार पर ही मत्स्य सहकारी समितियों में सदस्यता प्रदान की जावे एवं मत्स्य विभाग की लिखित अनुशंसा के बिना किसी भी नए सदस्य को समिति में न जोड़ा जावे।
    (मत्स्य विभाग द्वारा कार्यवाही प्रक्रियाधीन)
  7. जब तक विसंगतिपूर्ण कार्यक्षेत्र संशोधन की कार्यवाही पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक लालबर्रा ब्लॉक अंतर्गत आने वाली समस्त 05 समितियों के पट्टा पुनर्रावंटन की कार्यवाही पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जावे।
  8. प्राथमिक राजीव गांधी मछुआ सहकारी समिति, बोरी के अध्यक्ष द्वारा द्वेषतापूर्वक बिना किसी सूचना / नोटिस के वास्तविक वंशानुगत मछुआरों के काटे गये नामों को उनकी सहमति से यथावत रखे जाने की कार्यवाही तुरंत की जावे।
  9. प्राथमिक मिलन मछुआ सहकारी समिति, टेकाडी में एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों के नाम समिति में दर्ज हैं। जिला स्तरीय निष्कासन समिति द्वारा इन्हें हटाये जाने हेतु 05 माह पूर्व आदेश जारी किया जा चुका है, किन्तु प्रभारी उपायुक्त, सहकारिता द्वारा आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, अतः इन्हें तत्काल हटाया जावे।
  10. योजना मछुआरों के लिए एक कल्याणकारी योजना हैए जो मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की अवधि अवधि के दौरान उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। योजना का उद्देश्य मानसून या प्रजनन काल; जब मछली पकड़ने पर रोक होती है के दौरान मछुआरा परिवारों को आजीविका और भोजन का संकट न होए इसके लिए यह सहायता दी जाती है विगत 03 वर्षों से मछुआरो को यह राशि प्रदाय नहीं की गई है अतैव बचत सह राशि प्रदाय करने हेतु तत्काल कार्यवाही की जावे एवं बचत सह की राशि मछुआरो के खातो में अंतरित की जावे।
  11. पटटो का पुर्नरावंटन प्रक्रिया तत्काल की जावेः जिले में सैकडो की तादात में पटटो का पुर्नरावंटन कार्य रूका हुआ है जिससे स्थानीय मछुआरो को इसका खामियाजा भुगतना पड रहा है। मत्स्य विभाग द्वारा पट्टा पुर्नरावंटन एवं नवीन पट्टे जारी करने की कार्यवाही तत्काल पूर्ण की जावे केवल उन क्षेत्रों को छोडकर जहां विवाद की स्थिति निर्मित है।
  12. नवीन समिति बनाये जाने पर प्रशिक्षणः- देखने में आया है कि जिले में प्रदेश की सबसे ज्यादा समितियां है किंतु नवीन समिति बनाये जाने पर सहकारिता विभाग द्वारा
  13. समिति सदस्यों को किसी भी प्रकार का कोई प्रशिक्षण प्रदान नहीं किया जाता है अतैव जब भी नवीन समितियां बनाई जावे तो सदस्यों को आवश्यक रूप से प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चत किया जावे।

उक्त समस्त मांगों मे से मत्स्य विभाग की 03 मांगो पर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है किंतु सहकारिता विभाग के कानो में जू तक नहीं रेंगी है हमारी पहली प्राथमिक मांग है कि उपायुक्त सहकारिता को तत्काल प्रभार से हटाया जावे यदि नहीं हटाया जाता है तो अब हम यही कलेक्टेट के सामने अनशन पर बैठ जायेगें। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की स्वयं होगी।

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