*डबलमनी मामले का मास्टरमाइंड सोमेन्द्र कंकरायने गिरफ्तार, सात अन्य आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में*

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बालाघाट। जिले के बहुचर्चित डबलमनी निवेश घोटाले में फरार चल रहा कथित मास्टरमाइंड सोमेन्द्र कंकरायने आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर सोमेन्द्र सहित सात अन्य आरोपियों को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई को बालाघाट पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला जिले के सबसे चर्चित आर्थिक अपराधों में से एक रहा है। जानकारी के अनुसार, लाँजी तहसील के अंतर्गत बोलेगांव निवासी सोमेन्द्र कंकरायने ने अपने सहयोगियों एवं एजेंटों के माध्यम से लोगों को कम समय में उनकी निवेश राशि दोगुनी करने का लालच दिया था। शुरुआत में कुछ निवेशकों को समय पर दोगुनी राशि अथवा उसके चेक देकर विश्वास में लिया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग इस योजना से जुड़ते चले गए। इसके बाद हजारों लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी इस योजना में निवेश कर दी। बताया जाता है कि इस कथित निवेश योजना में केवल बालाघाट जिले के ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों एवं अन्य राज्यों के लोग भी शामिल हुए। कई परिवारों ने अधिक लाभ की उम्मीद में अपनी जमीन, मकान, जेवर तथा अन्य संपत्तियां बेचकर निवेश किया। गरीब मजदूरों से लेकर व्यापारी, किसान, कर्मचारी और संपन्न परिवार तक इस कथित ठगी का शिकार हुए। जब निवेशकों को समय पर उनकी राशि वापस नहीं मिली, तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने लगीं। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर बालाघाट पुलिस ने वर्ष 2022 में इस बड़े डबलमनी रैकेट का खुलासा किया था। जांच के दौरान पुलिस ने सोमेन्द्र कंकरायने सहित कई एजेंटों को गिरफ्तार किया था तथा मामले में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की थी। हालांकि बाद में न्यायालय से सशर्त जमानत मिलने के पश्चात सोमेन्द्र एवं उसके कुछ करीबी साथी फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी रही और विभिन्न राज्यों में उनकी लोकेशन तलाशने के प्रयास किए जाते रहे। पुलिस की लगातार निगरानी, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से आखिरकार आरोपियों के हरिद्वार में होने की जानकारी प्राप्त हुई। इसके बाद विशेष टीम का गठन कर उत्तराखंड भेजा गया, जहां से सोमेन्द्र कंकरायने सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपियों को विधिक प्रक्रिया के तहत बालाघाट लाया गया , जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की । पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि निवेशकों की राशि, संपत्तियों के लेन-देन, अन्य सहयोगियों की भूमिका तथा कथित नेटवर्क से जुड़े नए खुलासे हो सकते हैं। पुलिस इस पूरे आर्थिक अपराध की गहराई से जांच कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि फरार चल रहे मुख्य आरोपी सोमेन्द्र कंकरायने सहित सात अन्य आरोपियों को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है। सभी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा मामले की विवेचना जारी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि डबलमनी घोटाले ने हजारों निवेशकों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया था। कई परिवार आज भी अपनी जमा पूंजी वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ित निवेशकों में न्याय मिलने की उम्मीद एक बार फिर जागी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है कि पीड़ितों को उनकी राशि वापस दिलाने की दिशा में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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