- अंतरराज्यीय समन्वय के तहत आत्मसमर्पित नक्सली राकेश होड़ी उर्फ मनीष को बालाघाट पुलिस ने गढ़चिरौली पुलिस के किया सुपुर्द
- नक्सल विरोधी अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन की आत्मसमर्पण, राहत एवं पुनर्वास नीति-2023 के प्रावधानों के तहत बालाघाट में 13 नक्सली कैडरों द्वारा हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया गया था। जिसमें दिनांक 07.12.2025 को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कैडर राकेश होड़ी उर्फ मनीष (एसजेडसीएम), पिता समरत होड़ी, निवासी ग्राम झण्डेपार, थाना कोरची, जिला गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) को आज दिनांक 09 सितम्बर 2026 को बालाघाट पुलिस द्वारा जिला गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) पुलिस के सुपुर्द किया गया। इसके साथ ही आत्मसमर्पित नक्सली कैडर को उसके गृह राज्य भेजने की प्रक्रिया की प्रथम कड़ी पूर्ण की गई।
- उक्त नक्सली कैडर एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़) के अंतर्गत कान्हा-भोरमदेव डिवीजन में एसजेडसीएम के पद पर रहते हुए नक्सली संगठन में सक्रिय रहा है। उक्त कैडर पर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्यों में कुल 62 लाख रुपये का इनाम घोषित था तथा उसके विरुद्ध गंभीर प्रकृति के कुल 33 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं।
- आत्मसमर्पण के उपरांत मध्यप्रदेश आत्मसमर्पण, राहत एवं पुनर्वास नीति-2023 के प्रावधानों के अंतर्गत पुनर्वास संबंधी विभिन्न लाभ एवं सुविधाएं प्रदान की गई। इसके तहत उसके बैंक खाता, वोटर आईडी, आधार कार्ड एवं पैन कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध कराए गए। साथ ही, समाज की मुख्यधारा से जोड़ने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के साथ-साथ कौशल विकास प्रशिक्षण के अंतर्गत ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं प्राथमिक शिक्षा भी प्रदान की गई।
- भारत सरकार, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आत्मसमर्पित नक्सली कैडरों को उनके गृह राज्य में हस्तांतरित किए जाने संबंधी निर्देशों के अनुपालन में, आत्मसमर्पित नक्सली कैडर राकेश होड़ी उर्फ मनीष को दिनांक 09 सितम्बर 2026 को बालाघाट पुलिस द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर जिला गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) पुलिस के सुपुर्द किया गया। इस कार्यवाही का उद्देश्य आत्मसमर्पित कैडर को उसके गृह राज्य में पुनर्वास प्रक्रिया से जोड़ते हुए समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापित करना है।
नक्सली राकेश होड़ी उर्फ मनीष को बालाघाट पुलिस ने गढ़चिरौली पुलिस के किया सुपुर्द

