- बालाघाट जिले की मॉयल नगरी उकवा में स्थित भारत नर्सिंग इंस्टीट्यूट की कथित लापरवाही का खामियाजा अब यहां प्रशिक्षण ले रही नर्सिंग छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। छात्राओं का आरोप है कि संस्थान प्रबंधन ने उनसे तीनों सत्रों की पूरी फीस तो ले ली, लेकिन उन्हें अब तक छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। अपनी समस्या लेकर छात्राएं जनसुनवाई में पहुंचीं और अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई।
- जनसुनवाई में पहुंची नर्सिंग छात्राओं ने बताया कि उनके प्रशिक्षण के दो सत्रों की परीक्षाएं हो चुकी हैं और दोनों के परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं। वर्तमान में वे तीसरे सत्र में प्रशिक्षण ले रही हैं। छात्राओं के मुताबिक, संस्थान प्रबंधन द्वारा उनसे तीनों सत्रों की पूरी फीस वसूल ली गई, लेकिन अभी तक उन्हें तीनों सत्रों की छात्रवृत्ति नहीं मिली है।
- छात्राओं का कहना है कि जब उन्होंने छात्रवृत्ति को लेकर संस्थान प्रबंधन से जानकारी मांगी तो उन्हें बताया गया कि कॉलेज अब “अनसुटेबल” हो गया है, जिसके कारण छात्रवृत्ति नहीं मिल सकती।
- छात्राओं का आरोप है कि संस्थान की मान्यता या पात्रता से जुड़ी स्थिति का खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने फीस जमा कर अपनी पढ़ाई जारी रखी, लेकिन छात्रवृत्ति नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
- हमसे तीनों सत्रों की पूरी फीस ली गई है, लेकिन छात्रवृत्ति अभी तक नहीं मिली। कॉलेज प्रबंधन कह रहा है कि कॉलेज अनसुटेबल हो गया है। इसमें हमारी क्या गलती है? हमारा भविष्य अंधकारमय होता नजर आ रहा है।”
अब छात्राओं ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने की मांग की है। सवाल यह है कि यदि संस्थान की स्थिति छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं थी, तो छात्राओं से पूरी फीस किस आधार पर वसूली गई? इस मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
*नर्सिंग कॉलेज की गलती का खामियाजा भुगत रही छात्राएं*

