युवती के चरित्र पर लांछन और समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी का आरोप

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विधायक प्रतिनिधि अनीस खान की अभद्र टिप्पणी से हिंदू समाज में उबाल, लालबर्रा थाने का घेराव और मामला दर्जलालबर्रा। जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत पांढरवानी के सरपंच एवं विधायक प्रतिनिधि अनीस खान के विवादित बोल ने क्षेत्र में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव पैदा कर दिया है। एक युवती के चरित्र पर लांछन लगाने और हिंदू समाज के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने के विरोध में मंगलवार को पूरा लालबर्रा क्षेत्र आंदोलित नजर आया। सर्व हिंदू समाज संगठन के आह्वान पर हजारों की संख्या में नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और आरोपी विधायक प्रतिनिधि के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की मांग की।

बैठक के बाद जनसैलाब ने घेरा थाना

​घटना के विरोध में मंगलवार, 12 मई को दोपहर 12 बजे पवार मंगल भवन में सर्व हिंदू समाज की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने अनीस खान के व्यवहार को घोर आपत्तिजनक और सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाला बताया। बैठक के पश्चात आक्रोशित जनसमुदाय एक विशाल रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए लालबर्रा थाने पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने थाना परिसर में जमकर नारेबाजी की और सरपंच अनीस खान को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक थाने में गहमागहमी और तनाव की स्थिति बनी रही।

क्या है पूरा घटनाक्रम

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला 10 मई का है। ग्राम पंढरापानी (रानीकुठार) में एक वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था, जहां देवगांव के पूर्व सरपंच विनोद ठाकरे और युवती के अन्य परिजन मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान वहां पहुंचे विधायक प्रतिनिधि अनीस खान ने सार्वजनिक रूप से एक 19 वर्षीय युवती के बारे में अत्यंत भ्रामक, अपमानजनक और चरित्रहीनता से जुड़ी बातें कहीं। इतना ही नहीं, जब लोगों ने इसका प्रतिवाद किया, तो खान ने हिंदू समाज को लेकर भी अपमानजनक और अभद्र टिप्पणियां कीं, जिससे वहां उपस्थित लोगों की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुईं।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, SDOP ने संभाला मोर्चा

​थाने में बढ़ते तनाव और उग्र होती भीड़ की सूचना मिलते ही वारासिवनी एसडीओपी अभिषेक चौधरी तत्काल लालबर्रा पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया और आश्वस्त किया कि कानून अपना काम कर रहा है। प्रार्थी विनोद ठाकरे की शिकायत और जनभावनाओं को देखते हुए पुलिस ने अनीस खान के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 351(2) और 352 के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और साक्ष्यों के आधार पर अगली कार्यवाही की बात कही है।

विधायक अनुभा मुंजारे की छवि पर लग रहा दाग

​इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्रीय राजनीति में भी हलचल तेज कर दी है। क्षेत्र में चर्चा है कि विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे, जो अपनी स्वच्छ और सरल छवि के लिए जानी जाती हैं, उनके प्रतिनिधियों के “बेलगाम” रवैये के कारण उनकी साख धूमिल हो रही है। आम जनमानस में यह संदेश जा रहा है कि विधायक के संरक्षण में उनके प्रतिनिधि अहंकारी और बड़बोले हो चुके हैं।
​गौरतलब है कि यह अनीस खान का पहला विवाद नहीं है। अभी कुछ दिन पूर्व ही जिला पंचायत की सामान्य सभा में अनीस खान ने जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार और अन्य सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिसकी काफी निंदा हुई थी। वह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि युवती को अपमानित करने और समाज विरोधी टिप्पणी का नया विवाद खड़ा हो गया।

जनता में आक्रोश – “प्रतिनिधियों का व्यवहार असहनीय”

​क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से विधायक प्रतिनिधियों के विवादित ऑडियो वायरल होने, जनता व जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार करने और आम जनता को डराने-धमकाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि विधायक ने समय रहते अपने प्रतिनिधियों पर अंकुश नहीं लगाया, तो आगामी समय में उन्हें भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल, लालबर्रा में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

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