- परसवाडा़- :- जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां घर मे सो रही एक बैगा समुदाय की महिला को बाघ ने घर से उठाकर अपना शिकार बना डाला, जिसके बाद ग्राम में दहशत का माहौल है, वहीं विभाग के प्रति लोगों में भारी आक्रोश भी देखने मिला। जिन्होंने पीएम के बाद शव एम्बुलेंस से उतारने से मना करते हुए जमकर विरोध जताया।
जिले की आदिवासी बाहुल्य परसवाड़ा तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कुमादेही के ग्राम पर्रापुर निवासी सुगनाबाई पति बुधराम धुर्वे उम्र तकरीबन 55 वर्ष, जो बीती रात्रि अपने घर मे अपनी नन्ही पोती के साथ सो रही थी , वहीं पास में उसका पति भी सोया था, तभी तकरीबन 1 बजे अचानक बाघ घर मे घुसकर उसे घसीटता हुआ 50 मीटर तक खेतों में ले गया, जैसे ही बाघ महिला को अपने जबड़े में दबाकर खींचता हुआ ले जाने लगा, तभी पास ही सोये उसके पति बुधराम ने शोर मचाया, जिसके बाद शोर सुनकर पास ही घर मे सो रहा उसका बेटा दौड़कर आया, जिसके बाद उसने टोर्च की रोशनी में देखा कि बाघ उसकी माँ को घसीटता ले जा रहा है, वह बचाने दौड़ा, शोर मचाने लगा, तभी बाघ महिला को छोड़ उसके बेटे की ओर झपटा, हालांकि वह किसी तरह वहां से भाग निकला। शोर सुनकर ग्रामीण भी मौके पर पहुँच गए, जिसके बाद ग्रामीणों का हुजूम देखकर बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। इधर बाघ के हमले से महिला गम्भीर रूप से घायल हो गई, पूरा शरीर लहूलुहान हो गया, और बाघ ने इस तरह हमला किया था कि कुछ जगहों पर उसके सिर की हड्डियां बिखरी मिली। ग्रामीणों ने तत्काल 108 की मदद से गम्भीर घायल महिला को उपचारार्थ बैहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, किन्तु बाघ के द्वारा महिला को गम्भीर चोट पहुचाई, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुबह पीएम के बाद शव को वापस गांव लाया गया, जहां विभागीय अमला भी पहुँचा, इस दौरान ग्रामीणों के भारी आक्रोश का विभागीय अमले को सामना करना पड़ा।
इस दौरान लोगों का कहना रहा कि बीते एक साल से ग्रामीणजन बाघ के आतंक से परेशान हैं। कभी किसी के घर से पालतू मवेशियों के शिकार, कभी कुत्तों का तो कभी मुर्गे मुर्गियां उठाकर भाग जाता है, जिसके बाद से लगातार विभागीय अमले को सूचित किया जाता रहा किन्तु किसी प्रकार से कोई ध्यान नही दिया गया, जिसके कारण आज यह दुखद घटना घटित हो गई।
वहीं लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में यह चौथी घटना है, जिसमे बाघ द्वारा ग्रामीणों को अपना शिकार बना लिया गया है। लोगों ने बताया कि बीते 14 जून को बफरजोन में कार्यरत एक फायर वाचर को बाघ ने अपना शिकार बना लिया था।
गौरतलब हो कि यह गांव कान्हा टाइगर रिजर्व के बफरजोन क्षेत्र में आता है। ग्राम पर्रापुर के आसपास कान्हा बफरजोन का गहन जंगल है, इसलिये अक्सर यहां वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। किंतु लोगों का आरोप रहा कि बफरजोन के जंगल मे फेंसिंग व्यवस्था नही होने के कारण जंगली जानवर गांवो में घुस आते हैं।
आज घटित घटना के बाद लोगों का भारी आक्रोश देखने मिला, जिन्होंने विभागीय अमले पर गम्भीर आरोप लगाते हुए भारी विरोध किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य तामेश्वर पटेल मौके पर पहुँचे, उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, और विभागीय अमले से कहा कि लोगों की नाराजगी जायज है। विभागीय अमले को ग्रामीणों की समस्याओं का यथासंभव निराकरण करना चाहिये, और शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार उन्हें आर्थिक मदद भी करनी चाहिए।
वहीं जनपद अध्यक्ष समलसिंह धुर्वे भी मौके पर पहुँचे, जिन्होंने ग्रामीणों की ओर से उनकी मांगों को विभाग के सामने रखा, और कहा कि परिजनों की मांग अनुसार पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, तत्काल क्रिया कर्म के लिए आर्थिक मदद, जंगल के आसपास लेंटाना उन्मूलन कर साफ किया जाए, आइल अलावा आदमखोर हो चले बाघ को पकड़कर यहां से दूसरी जगह ले जाया जाए। ताकि लोगों में जो दहशत का माहौल है वह समाप्त हो सके। इधर विभाग द्वारा लोगों की मांगों को जायज ठहराते हुए शीघ्र उन्हें पूरा किये जाने का आश्वासन दिया है।
* महिला को घर में घुसकर बाघ ने खींचा, *

