निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 16 अप्रैल को अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करने एवं पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिये। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ भी उपस्थित थे।
बैठक में सर्वप्रथम विभिन्न विभागों द्वारा बनायी जा रही सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान एनएचपीडब्ल्यूडी के अधिकारी द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक -543 के नैनपुर बायपास के अंत से बालाघाट बायपास अंत तक 66 किमी लंबाई में उन्नयन का कार्य किया जाना है। इसके लिए 844.53 करोड रुपए का संशोधित प्राक्कलन तैयार कर मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र भोपाल को प्रस्तुत किया गया है। इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-543 के गर्रा-वारासिवनी-तुमसर के महाराष्ट्र सीमा तक 51 किमी लंबाई में उन्नयन का कार्य प्रस्तावित है। कलेक्टर श्री मीना ने इस पर एनएचपीडब्ल्यूडी के अधिकारी को निर्देशित किया कि इन मार्गो के उन्नयन के लिए भूमि आवंटन संबंधी कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करें और मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र भोपाल से समन्वय कर उन्नयन कार्य की प्रक्रिया को शीघ्रता से आगे बढाये।
एमपीआरडीसी के जिला प्रबंधक ने बताया कि वारासिवनी-लालबर्रा सड़क बीओटी के अंतर्गत है और इसका मेटनेंस 2030 तक संबंधित फर्म द्वारा किया जाएगा। वारासिवनी-कटंगी सडक का कार्य पूर्ण हो चुका है। बैहर-लामता सड़क के 50 किमी लंबाई का कार्य किया जाना है। सिवनी-बालाघाट सड़क के बीटी रिनिवल का कार्य कर लिया गया है। इस सडक को फोरलेन करने का डीपीआर पूर्ण हो गया है। खैरलांजी-अगासी एवं सीतापठोर-महकेपार सड़क लोकनिर्माण विभाग को हस्तांतरित की जा रही है। बैहर-मुक्की-गढ़ी सड़क के 32 किमी में बीटी रिनिवल का कार्य कर लिया गया है। कलेक्टर श्री मीना ने सभी रोड में चल रहे मरम्मत के कार्यों कों शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए
बैठक में लोक निर्माण विभाग, पीआईयू, सेतु संभाग, पुलिस हाउसिंग बोर्ड, एमपी हाउसिंग बोर्ड, प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जनजातीय कार्य विभाग, सिंचाई विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री मीना ने निर्देशित किया कि शाला भवन, स्वास्थ्य विभाग के भवन, छात्रावास भवन, नक्सल प्रभावित क्षेत्र की सडके, पुल पुलिया का कार्य समय सीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने कहा । आरसीपीएलडब्लयूई एवं एससीए के अंतर्गत पूर्व में स्वीकृत सड़कों एवं पुल पुलिया का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये गए। जिन कार्यों के लिए वन विभाग की अनुमति लेना है उसके लिए परिवेश पोर्टल पर जानकारी अपलोड की जाए एवं अनुमति लेने के प्रक्रिया शीघ्रता से पूर्ण की जाए। वन विभाग से अनुमति लेने की प्रक्रिया में किसी भी तरह का विलंब नही होना चाहिए। छात्रावास एवं स्कूल भवनों के जो कार्य पूर्ण हो गए है उन्हें संबंधित विभाग को शीघ्र हस्तांतरित किया जाए।
बैठक में सिचाई विभाग के कार्यों की समींक्षा के दौरान सातनारी जलाशय एवं लामता सिंचाई योजना का कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये गए। इसी प्रकार पोला जलाशय के जमीन आवंटन संबंधी कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये गए। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गयी।

