बालाघाट मुख्यालय से लगे औद्योगिक क्षेत्र गर्रा में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। शासकीय भूमि पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा और तनाव की स्थिति बनी रही। हालात को देखते हुए प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालते हुए प्रतिमा को दूसरे मंदिर में स्थापित करने का फैसला लिया है। इस दौरान पूरे चौक को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। चैत्र नवरात्र के मौके पर गर्रा चौक स्थित एक निर्माणाधीन शासकीय भवन में बिना अनुमति बुधवार की देर रात मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। गुरुवार सुबह यहां पूजा-पाठ और प्राण प्रतिष्ठा शुरू होते ही प्रशासन को इसकी जानकारी लगी। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु जमा हो गए। बताया जा रहा है कि इस जमीन पर पहले भी मंदिर निर्माण को लेकर विवाद हो चुका है, जिससे मामला और संवेदनशील बन गया। विवाद बढ़ने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों से देर शाम तक बातचीत की, लेकिन कोई भी व्यक्ति या संगठन प्रतिमा स्थापना की जिम्मेदारी लेने आगे नहीं आया। इस दौरान पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे तनाव और बढ़ गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियो ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे धार्मिक भावना का अपमान बताया है।
मुख्य चौराहे पर अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। बेदखली के कई आदेश और रिमाइंडर के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया और रातों-रात प्रतिमा स्थापित कर दी गई। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रतिमा को सम्मानपूर्वक हटाकर अन्य कहीं मंदिर में स्थापित करने का निर्णय लिया और देर रात शासकीय जमीन पर बने अवैध निर्माण को जेसीबी मशीन की मदद से दौड़कर अतिक्रमण मुक्त किया गया। एसडीएम का कहना है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाया। जिसमें क्षेत्र की जनता ने भी भरपूर सहयोग प्रदान किया है।

