राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के सेंट्रल जोन, भोपाल द्वारा प्रकरण क्रमांक 130/2025 (सीजेड) श्री द्वारकानाथ चौधरी एवं अन्य विरुद्ध म.प्र. शासन एवं अन्य में पारित आदेश दिनांक 27 अप्रैल 2026 के पालन को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। इस संबंध में अनुविभागीय दण्डाधिकारी बालाघाट श्री गोपाल सोनी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद बालाघाट को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जारी पत्र में कहा गया है कि NGT के आदेश की कंडिका 56(2) एवं (3) के तहत देवी तालाब के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए तत्काल एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके अंतर्गत तालाब की नियमित सफाई, ठोस एवं प्लास्टिक कचरे के निष्पादन पर पूर्ण प्रतिबंध तथा खरपतवारों को वैज्ञानिक तरीके से हटाने की कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा तालाब की परिधि में स्थानीय प्रजातियों के पौधों का सघन वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में अतिक्रमण या प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके। इस संपूर्ण कार्य के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जिला आर्द्रभूमि संरक्षण समिति, बालाघाट से उसका परीक्षण एवं अनुमोदन कराने को कहा गया है।
नगर क्षेत्र में जल प्रदूषण रोकने के लिए AMRUT 2.0 एवं स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के अंतर्गत प्रस्तावित सीवरेज नेटवर्क कनेक्शनों की स्थापना तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण और संचालन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी स्थिति में अशोधित जल जल निकायों में प्रवाहित न हो।
प्रशासन ने नगर पालिका को निर्देशित किया है कि सभी बिंदुओं पर आवश्यक कार्यवाही कर निर्धारित समयसीमा में पालन प्रतिवेदन इस कार्यालय एवं NGT, भोपाल को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

