बीटी एक्ट 1949 अधिनियम को रद्द करने और बोधगया की ऐतिहासिक विश्व धरोहर को बौद्धो के सुपुर्द करने सहित अपनी विभिन्न मांगों को बालाघाट सहित सम्पूर्ण देश में बौद्ध अनुयायियों के विभिन्न संगठनों द्वारा आए दिनों धरना, प्रदर्शन, व आंदोलन किए जा रहे हैं

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बिहार राज्य के बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार को मुक्त करने, बीटी एक्ट 1949 अधिनियम को रद्द करने और बोधगया की ऐतिहासिक विश्व धरोहर को बौद्धो के सुपुर्द करने सहित अपनी विभिन्न मांगों को बालाघाट सहित सम्पूर्ण देश में बौद्ध अनुयायियों के विभिन्न संगठनों द्वारा आए दिनों धरना, प्रदर्शन, व आंदोलन किए जा रहे हैं।वही आए दिनों ज्ञापन के माध्यम से उनकी मांगो को पूरा करने की गुहार लगाई जा रही है।बावजूद इसके भी अब तक बौद्ध अनुयायियों की एक भी मांग पूरी नहीं हो पाई है।जिस पर अपनी नाराजगी जताते हुए महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन समिति द्वारा 10 मार्च दिन मंगलवार को नगर में धरना प्रदर्शन कर, रैली निकालने और रैली के माध्यम से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ो बौद्ध अनुयायियों के साथ कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया है।जिसकी तमाम जानकारी सोमवार 9 मार्च को त्रिरत्न बौद्ध विहार कोसमी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन समिति पदाधिकारियो द्वारा दी गई। इस दौरान पूज्य भदन्त धम्म शिखर महाथोरो, एलडी मेश्राम ,संतोष मेश्राम ,रवि पटले, सुरेश चौरे, केएल डोंगरे, के एल तिरपुड़े, महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन समिति अध्यक्ष विकास खांडेकर, उपाध्यक्ष शोभना ताई मेश्राम, सरोज ताई खांडेकर, वंदना ताई रंगारे, और मंजू ताई बारमाटे सहित इस आंदोलन को समर्थन देने वाले संगठन ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम, कोसमी बहुजन संघ, कोसमी संघ रक्षक संघ कोसमी, ऑल इंडिया समता सैनिक दल और बालाघाट जिला बौद्ध के संघ के अन्य पदाधिकारी सदस्य भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

अंबेडकर चौक में माल्यार्पण कर ,शुरू होगा धरना प्रदर्शन
आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए पदाधिकारियो द्वारा बताया गया कि महाबोधि महाविहार को मुक्त करने की मांग को लेकर नगर में धरना प्रदर्शन, भव्य रैली, व ज्ञापन सौपने का फैसला लिया गया है।जिसके अनुसार महाविहार मुक्ति आंदोलन समिति के बैनर तले मंगलवार की सुबह 10 बजे अंबेडकर चौक पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जयघोष किया जाएगा, इसके उपरांत बाजू सड़क में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।वही नगर में महाबोधि महाविहार मुक्ति गठन द्वारा एक रैली निकाली जाएगी। जिसमें जिले भर के बौद्ध अनुयायियों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके उपरांत कलेक्टर कार्यालय जाकर एक ज्ञापन सौपा जाएगा जिसमें उनकी समस्त मांगो को पूरा किए जाने की गुहार लगाई जाएगी।

इन मांगों को पूरा करने की गुहार
महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन समिति के बैनर तले 10 मार्च मंगलवार को आयोजित इस धरना प्रदर्शन ,रैली व ज्ञापन के माध्यम से महाबोधि महाविहार को गैर बौद्धो के कब्जे से मुक्त करने, बीटी एक्ट 1949 को रद्द कर महाविहार का प्रबंधन रद्द करने, महाविहार का प्रबधन बौद्धो के हाथों में सौंपे जाने, महाबोधि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार कर, जेल भेजे गए भदंत व अन्य को रिहा करने, अन्य अनुयायियों पर लगाए गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने, बिहार सरकार का इस मामले में हस्तक्षेप समाप्त करने, बौद्धो को स्वतंत्र रूप से अपने धर्म का पालन करने में बाधा उत्पन्न न करने और बिहार राज्य सरकार एवं गयाजी पुलिस द्वारा लगाए गए झूठे मुकदमों को तत्काल हटाए जाने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई जाएगी।

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