कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने गुरुवार 25 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे, श्री डी.पी. बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री एम.आर. कोल, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव, एसडीएम श्री गोपाल सोनी, तहसीलदार श्री सुनील वर्मा, श्रीमती मंजूला महोबिया, अधीक्षक भू-अभिलेख श्री कृष्णा नायक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री मीना ने साइबर तहसील के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर तहसील प्रकरणों में समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने वाले पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान बालाघाट अनुभाग में 118, किरनापुर में 25, कटंगी में 25 तथा वारासिवनी में 20 प्रकरण लंबित पाए गए। कलेक्टर ने इन सभी मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा में जिले में 325 प्रकरण लंबित पाए गए। इस पर कलेक्टर श्री मीना ने नाराजगी व्यक्त करते हुए वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले सभी लंबित सीमांकन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेतों में फसल लगने के बाद सीमांकन कार्य प्रभावित होगा, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
कलेक्टर श्री मीना ने आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा एवं अन्य राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री मीना ने शेष किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी तहसीलों में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कृषि भूमि पर आवास निर्मित होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, वहां भूमि का डायवर्सन कराकर निर्धारित राशि की वसूली की जाए। डायवर्सन प्रकरणों में मात्र 19 लाख रुपये की वसूली होने पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी तहसीलदारों को नक्शा तरमीम के कार्य में तेजी लाने और अनावश्यक लंबित प्रकरणों का निराकरण करने को कहा।
प्राकृतिक आपदा राहत संबंधी आरबीसी 6-4 प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री मीना ने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे तथा उनका त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को भू-अर्जन एवं आरबीसी 6-4 प्रकरणों की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी निगरानी करने के निर्देश भी दिए। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री मीना ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर वहां सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

