ग्राम पंचायत आंवलाझरी के कटिंग टोला में रविवार सुबह तेंदुए के रिहायशी क्षेत्र में घुसने की सूचना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। हालांकि वन विभाग के करीब दो घंटे के प्रयास के बाद स्पष्ट हुआ कि नाली के पाइप में छिपा वन्य प्राणी तेंदुआ नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली थी, जिसे सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता देकर जंगल की ओर रवाना किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह लगभग 6:30 बजे ग्राम पंचायत आंवलाझरी के सरपंच श्री अशोक लिल्हारे ने वन विभाग को सूचना दी कि कटिंग टोला स्थित रिहायशी इलाके में नाली के पाइप के भीतर एक तेंदुआ घुस गया है। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। इसके साथ ही पुलिस विभाग एवं पशु चिकित्सा विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई।
वन्य प्राणी एवं स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में उप वनमंडल अधिकारी श्रीमती विनिता फूलबेल तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री हिमांशु राय के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। रेस्क्यू टीम (आरआरटी) और वन अमले ने नाली के पाइप के दोनों सिरों पर पिंजरे लगाए, लेकिन पाइप लंबा होने और भीतर अंधेरा होने के कारण वन्य प्राणी की पहचान नहीं हो सकी।
इसी दौरान वनमंडलाधिकारी दक्षिण सामान्य वनमंडल बालाघाट श्री नित्यानंदम् एल. भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य की निगरानी की। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद पाइप के भीतर मौजूद वन्य प्राणी की पहचान जंगली बिल्ली के रूप में हुई।
वन विभाग ने बताया कि जंगली बिल्ली से आम लोगों को कोई विशेष खतरा नहीं था। इसके बाद उसे सुरक्षित बाहर निकलने का अवसर देने के लिए पाइप के दोनों ओर लगाए गए पिंजरे हटा दिए गए और क्षेत्र को खाली कर दिया गया। करीब आधे घंटे बाद दोपहर लगभग 12:45 बजे जंगली बिल्ली सुरक्षित रूप से पाइप से बाहर निकली और वनखंड धनसुआ की दिशा में चली गई।
वन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से वन्य प्राणी तथा स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी। घटना के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, लेकिन किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।

