बालाघाट जिले में कुछ स्थानों पर यह देखने में आ रहा है कि स्कूल वाहन मालिकों एवं चालकों द्वारा रात्री के समय स्कूल बसों का उपयोग शादी-बारात एवं अन्य निजी कार्यक्रमों में किया जा रहा है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि स्कूल वाहन केवल विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन के लिए अधिकृत हैं, उनका किसी भी प्रकार से व्यावसायिक या निजी कार्यक्रमों में उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।
नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक तिवारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री अश्विनी उपाध्याय ने जिले के सभी विद्यालयों के प्राचार्यों एवं निजी स्कूलों के प्रमुखों को निर्देशित किया है कि स्कूल बसों को विशेष परमिट शर्तों के तहत संचालन की अनुमति दी जाती है अतः ऐसे वाहनों का शादी, विवाह, बारात आदि अन्य कार्यों में उपयोग करना परमिट की शर्तों का उल्लंघन है तथा यह मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। जिले में कहीं पर भी स्कूल बसों का शादी, विवाह, बारात या अन्य व्यवसायिक कार्यों में उपयोग पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिक और चालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला परिवहन अधिकारी श्री अनिमेष गढ़पाल ने सभी स्कूल वाहन संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे नियमों का पालन सुनिश्चित करें और स्कूल वाहनों का उपयोग केवल छात्रों के परिवहन के लिए ही करें। विभाग द्वारा समय-समय पर औचक जांच भी की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं स्कूल वाहनों का उपयोग शादी-बारात या अन्य निजी कार्यक्रमों में किया जाता हुआ दिखाई दे, तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा सके।

