02 मार्च को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में टीएल बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने विभिन्न विभागों के समय सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री मायाराम कोल, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियों कांफ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।
14 वर्ष की सभी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर का टीका लगवाने के निर्देश
बैठक में सर्वप्रथम 14 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगाने के कार्य की समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर श्री मीना ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला शिक्षा अधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास के अधिकारी से समन्वय कर 14 वर्ष की सभी बालिकाओं को टीका लगाना सुनिश्चित करें। सभी पालकों एवं अभिभावकों को इसके लिए जागरूक करने के लिए शालाओं में पालकों की बैठक में इसकी चर्चा करें। छात्रावासों में रहने वाली 14 वर्ष की सभी बालिकाओं को टीका लगाने के लिए छात्रावास अधीक्षिका से समन्वय किया जाए।
30 मार्च तक 15 हजार टीके लगाने का लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने इस दौरान बताया कि जिले के जिला चिकित्सालय, वारासिवनी, बैहर एवं लांजी के सिविल अस्पताल एवं कटंगी, खैरलांजी, लालबर्रा, किरनापुर, बिरसा व परसवाडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो में 14 वर्ष आयु की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगाया जा रहा है। 28 फरवरी से यह टीका लगाना प्रारंभ किया गया है। बालाघाट जिला इस टीके को लगाने के मामले में प्रदेश में प्रथम स्थान पर चल रहा है। डॉ. उपलप ने बताया कि बालाघाट जिले को 30 मार्च तक 15 हजार टीके लगाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन उनका प्रयास है कि 20 मार्च तक इस लक्ष्य को पूरा कर लिया जाए। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों से भी अपेक्षा की कि वे अपने परिवार, पडोस एवं परिचित की 14 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगावाना सुनिश्चित करें।
त्यौहारों के दौरान खाद्य विभाग एवं परिवहन विभाग रहेंगे अधिक सक्रिय
बैठक में पीएम राहत योजना की चर्चा के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने जिले में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग एवं पुलिस को इसमें समन्वय कर कार्य करने के निर्देश दिये और कहा कि सडक दुर्घटना होने पर पुलिस को 24 घंटे की भीतर घटना का सत्यापन करना होगा, जिससे दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 1.50 लाख रुपए तक का ईलाज उपलब्ध कराया जा सके। इस दौरान जिला परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि त्यौहारों के दौरान यात्रियों से अधिक किराया वसूल करने वाली बसों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करें। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि त्यौहारों के दौरान खाद्य सामग्री विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों की सघनता से जांच करें और खाद्य सामग्री के नमूने तत्काल जांच के लिए भेजे जाए। बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के उपस्थित नही रहने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिये गए।
सीएम हेल्पलाईन की लंबित शिकायतों में रूचि लेकर कार्य करें
बैठक में अक्षय ऊर्जा एवं एमपीईबी के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कुसुम-बी योजना एवं सोलर पंप योजना में लक्ष्य के अनुरूप प्रकरणों में शीघ्रता से ऋण वितरण कराए। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में ऋण वितरण का लक्ष्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये गए। इस दौरान बताया गया कि पीएम विश्वकर्मा योजना में 626 प्रकरण स्वीकृत हो चुके है और इनमें से 561 में ऋण वितरण किया जा चुका है। सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने 100 दिन से अधिक की लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान देने एवं उनका शीघ्रता से संतुष्टि के साथ निराकरण करने के निर्देश दिये। लोक सेवा गारण्टी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का नियत समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये गए और कहा गया कि ऐसा नही होनें पर जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध जुर्माने की कार्यवाही प्रस्तावित करें।
स्वच्छता सर्वेक्षण कार्य के प्रभावी कियान्वयन करने के निर्देश
बैठक में जिले के नगरीय क्षेत्रों में कराए जाने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण की चर्चा के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी एवं जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य प्रभावी ढंग से किया जाए, जिससे जिले के निकायों की सर्वेक्षण में अच्छी रैंक आ सके। उन्होंने सभी सीएमओ को निर्देशित किया कि वे प्रात: नगरीय क्षेत्र के सभी वार्डों का भ्रमण करे और स्वच्छता अभियान का फालोअप ले। गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में पीछे रहने वाले नगरीय निकाय लांजी एवं वारासिवनी को इस बार के स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी रैंक सुधारने के लिए विशेष प्रयास करने कहा गया।
होलिका दहन में गोकाष्ठ एवं गोबर के उपलो का उपयोग करने वाली संस्थाओं का जिला स्तर पर किया जाएगा सम्मान
बैठक में जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में होलिका दहन करने वाली संस्थाओं का पंजीयन करने एवं होलिका दहन में लकडियों का उपयोग न करने के लिए प्रोत्साहित करने कहा गया। होलिका दहन में गोकाष्ठ एवं गोबर के उपलो का उपयोग करने कहा गया। जिले में किसी भी स्थिति में होलिका दहन के बडे आयोजनों में लकडी का उपयोग नही होना चाहिए। होलिका दहन में गोकाष्ठ एवं गोबर के उपलो का उपयोग करने वाली संस्थाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार होली त्यौहार में केमिकल एवं रासायनिक रंगो का उपयोग न करने एवं उनके स्थान पर प्राकृतिक रंग गुलाल का उपयोग करने कहा गया।
जिले में दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए क्षीरधारा योजना का प्रभावी कियान्वयन अनिवार्य
बैठक में पशुपालन विभाग को दुग्ध उत्पादन बढाने के लिए क्षीरधारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर श्री मीना ने इस योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक मादा पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान कराने के निर्देश दिये। इस योजना में वन, कृषि, ग्रामीण विकास एवं पशुपालन विभाग को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने कहा गया। इस दौरान उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाए डॉ. आरएस नगपुरे ने बताया कि क्षीरधारा योजना में जिले के 119 ग्रामों को शामिल किया गया है, जिसमें 30 ग्राम वन क्षेत्र के है। 119 ग्रामों के 70 हजार गौवंश पशुओ का एप्प के माध्यम से बेसलाईन सर्वे प्रारंभ किया गया है, जो 11 मार्च तक चलेगा। इस योजना के अंतर्गत अनुपयोगी नर पशुओ का बधियाकरण किया जा रहा है और मादा पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान किया जाना है। इस योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढाकर किसानों एवं पशुपालको की आय बढाना है और चयनित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करना है।

