बड़वानी पुलिस
थाना अंजड पुलिस ने अंधे कत्ल का 48 घंटे में किया पर्दाफाश
बड़वानी। थाना अंजड पुलिस ने तत्परता एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए अज्ञात महिला हत्या कांड का 48 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्रकरण का विवरण
दिनांक 23.02.2026 को सुरेश यादव के खेत में स्थित एक बावड़ी में अज्ञात महिला का सड़ी-गली अवस्था में शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर थाना अंजड में मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक आर.आर. चौहान अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे, घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तथा हमराह बल एवं स्थानीय लोगों की सहायता से शव को बावड़ी से बाहर निकलवाया। मौके से आवश्यक भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए गए।
जांच के दौरान शव की पहचान मोनिका पिता गजु, उम्र 25 वर्ष, निवासी शिवालय मोहल्ला अंजड (हाल मुकाम फुटला तालाब, अंजड) के रूप में हुई। पोस्टमार्टम उपरांत मामले की गंभीरता को देखते हुए Dheeraj Babbar (प्रभारी पुलिस अधीक्षक) के निर्देशन एवं एसडीओपी श्री दिनेश सिंह चौहान के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच
गठित टीम द्वारा कस्बा अंजड के विभिन्न सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया तथा मृतिका के मोबाइल नंबर की सीडीआर का गहन परीक्षण किया गया। साक्ष्यों के आधार पर मामला हत्या का पाए जाने पर थाना अंजड में अपराध क्रमांक 85/2026 धारा 103(1), 3(5), 238 बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान संदेह के आधार पर
विशाल पिता राधेश्याम उर्फ राधिया किरालिया, उम्र 25 वर्ष
शंकर पिता जगदीश चौहान, उम्र 25 वर्ष
दोनों निवासी शिवालय मोहल्ला, वार्ड क्रमांक 15 अंजड जिला बड़वानी
को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने चरित्र शंका के चलते मृतिका की गला घोंटकर हत्या करना स्वीकार किया।
दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय अंजड में प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल वारंट प्राप्त होने पर उन्हें केंद्रीय जेल बड़वानी भेजा गया।
विशेष भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आर.आर. चौहान के नेतृत्व में उनि महावीर चंदेल, उनि दिनेश चंगोड, प्र.आर. 406 रविन्द्र चौहान, प्र.आर. 445 महेन्द्र अहरवाल, प्र.आर. 180 योगेश पाटील (सायबर शाखा), प्र.आर. 90 अजय यादव, आर. 561 पवन प्रजापत, आर. 324 मडिया डावर (सायबर शाखा) एवं आर. 321 सद्दाम पठान की सराहनीय भूमिका रही।

