जनगणना–2027 की तैयारियों को लेकर जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक संपन्न

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16 से 30 अप्रैल तक पोर्टल पर ऑनलाइन जानकारी भरकर की जा सकेगी स्व-गणना

जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल के निर्देशानुसार बालाघाट जिले में जनगणना–2027 की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी कड़ी में 11 फरवरी को जिला जनगणना समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन द्वारा की गई। बैठक में समिति के सदस्य संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री सुभाषचन्द्र ठाकरे, सहायक संचालक शिक्षा श्री मरावी तथा जनगणना निदेशालय द्वारा बालाघाट जिले के लिए नियुक्त प्रभारी अधिकारी श्री रोहित पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जनगणना के इतिहास और महत्व पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि भारत में पहली बार देशव्यापी जनगणना वर्ष 1872 में ब्रिटिश शासनकाल में लॉर्ड मेयो के समय प्रारंभ की गई थी। हालांकि, यह पूरी तरह संगठित नहीं थी। भारत की पहली वैज्ञानिक और नियमित जनगणना वर्ष 1881 में संपन्न हुई, जिसके बाद से प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना नियमित रूप से कराई जा रही है। कोविड महामारी के कारण वर्ष 2021 में जनगणना संभव नहीं हो सकी थी। अब वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली जनगणना देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल ऐप और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा एकत्र किया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि बालाघाट जिले में कुल 12 तहसीलें, 06 नगरीय क्षेत्र एवं 1397 ग्राम शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की जनगणना के लिए संबंधित तहसीलदारों को और नगरीय क्षेत्रों के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को चार्ज अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रत्येक ग्राम और प्रत्येक नगरीय वार्ड में कम से कम एक प्रगणक की नियुक्ति की जाएगी। जनगणना का कार्य 01 मई से 30 मई तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी दर्ज करेंगे। जनगणना के दौरान घर का प्रकार, उपलब्ध सुविधाएँ (जैसे बिजली, पानी आदि), परिवार के सदस्यों की संख्या, प्रत्येक सदस्य की आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, भाषा, धर्म, सामाजिक समूह/जाति आदि से संबंधित कुल 33 प्रकार की जानकारी संकलित की जाएगी।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि नागरिकों को सुविधा प्रदान करने के लिए Self Enumeration (SE) पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना की व्यवस्था की गई है। यह पोर्टल 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सक्रिय रहेगा। इस अवधि में नागरिक स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। अधिक से अधिक लोगों द्वारा ऑनलाइन स्व-गणना किए जाने से प्रगणकों के कार्य में सुविधा होगी और जनगणना प्रक्रिया सुगम बनेगी।

जिला प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें, सही-सही जानकारी प्रदान करें तथा 16 से 30 अप्रैल के बीच पोर्टल पर ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया में भाग लेकर इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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