कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 15 मई को जिले के नगरीय निकाय बालाघाट, वारासिवनी, मलाजखंड, बैहर, कटंगी एवं लांजी के अधिकारियों की बैठक लेकर नगरीय क्षेत्रों में कराये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर एवं शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी श्री राहुल नायक उपस्थित थे।
स्वच्छता सर्वेक्षण एवं साफ-सफाई पर जोर
बैठक में सर्वप्रथम नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण की समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि बैहर एवं कटंगी में स्वच्छता सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जबकि अन्य निकायों में इसकी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। कलेक्टर श्री मीना ने निर्देश दिए कि इस वर्ष सभी निकायों की रैंकिंग में पिछले वर्ष की तुलना में सुधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सर्वेक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से जारी रहनी चाहिए। साथ ही प्लास्टिक एवं अन्य कचरे के उचित निस्तारण और सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
अमृत 2.0 योजना एवं जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा
अमृत 2.0 अभियान के अंतर्गत वाटर सप्लाई योजनाओं की समीक्षा में पाया गया कि बालाघाट में कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, जबकि कटंगी एवं लांजी में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। कलेक्टर श्री मीना ने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल आपूर्ति योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए। इसके साथ ही वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले नालियों एवं नालों की सफाई सुनिश्चित करने और जलभराव की स्थिति न बनने देने के निर्देश दिए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में ग्रीन एरिया विकसित करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में दो-दो तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य करने को कहा गया।
आवास योजना एवं श्रमिक पंजीयन के निर्देश
आवास योजना की समीक्षा के दौरान नगरीय निकायों में निर्मित आवासों को शीघ्र हितग्राहियों को आवंटित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी निकायों को अपने क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों का पीएम श्रमयोगी मानधन योजना में पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए गए।
पीएम स्वनिधि योजना के लाभ दिलाने पर जोर
बैठक में पीएम स्वनिधि योजना के प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाया जाए।

