थाना कटंगी क्षेत्र अंतर्गत नाबालिक बालिका के अपरहरण एवं दुष्कर्ग के प्रकरण मे माननीय न्यायालय ने कठोर दण्ड देते हुए आरोपी आयुष उर्फ लक्की शेण्डे को अजीवन कारावास की सजा सुनाई है ।
उक्त घटना के संबंध मे थाना कटंगी मे अपराध क्रमांक 266/2021 धारा 366ए,376,376(2)एन भादवी एवं 5 (एल) सहपठित धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण की विवेचना थाना कटंगी के उपनिरीक्षक केनसिंह धुवे द्वारा की गई, जिनके द्वारा प्रकरण मे सुदृढ़ एवं सारगर्भित विवेचना करते हुए आवश्यक साक्ष्य संकलित कर समय से अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।
प्रकरण मे अभियोजन की ओर से सशक्त पैरवी श्री ऋतुराज कुमरे, विशेष लोक अभियोजक/ए.डी.पी.ओ. वारासिवनी द्वारा, जिलालोक अभियोजन अधिकारी श्री कपिल कुमार डेहरिया के मर्गदर्सन मे की गई।
माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश श्रीमती कविता इवनाती (पॉक्सो एक्ट), वारासिवनी, जिला बालाघाट (म.प्र.) द्वारा सत्र प्रकरण क्रमाक एससी 47/2021 मे विचारण उपरांत अभियुक्त आयुष उर्फ लक्की शेण्डे पिता संजय शेण्डे, उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम उमरी, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं 2000/- रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया तथा अर्थदंड अदा न करने पर 03 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगताए जाने का आदेश पारित किया गया । बालाघाट पुलिस द्वारा की गई प्रभावी विवेचना एवं अभियोजन की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर दंडित किया जा सका ।

