कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में 29 जनवरी कों पशु पालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षीर धारा ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये गए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाऍ डॉ. एनडी पुरी, पशु चिकित्सक, डेयरी एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री मीना ने बैठक में कहा कि क्षीरधारा ग्राम योजना दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है। बालाघाट जिले में इस योजना का चरणबद्ध रूप से प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए जिससे जिले में दुग्ध उत्पादन को बढाया जा सके और पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित किये जा सके। इसके लिए पशु नस्ल सुधार, टीकाकरण, चारा उत्पादन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गए।
बैठक में उपसंचालक डॉ. एनडी पुरी नें बताया कि समस्त जिले में क्षीर धारा ग्राम योजना का कार्य शीघ्र शुरू होना है जिसके तीन चरण होंगे। पहला चरण 26 जनवरी से शुरू हो चुका है जो 30 जून 2026 तक चलेगा। प्रथम चरण में शत-प्रतिशत गर्भाधान, टीकाकरण का कार्य होना है। इसके अलावा चारा उत्पादन व गोबर प्रबंधन के कार्यों कों करने का लक्ष्य है। इस योजना में वैज्ञानिक पशुपालन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के कार्य होने है। इस योजना में प्रथम वर्ष के लिए जिले के 118 ग्रामों का, द्वितीय वर्ष के लिए 380 एवं तृतीय वर्ष के लिए 767 ग्रामों का चयन किया गया है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

