कलेक्टर ने ली राजस्व अधिकारियों की बैठक
आरआरसी प्रकरणों में सख्ती से वसूली करने के निर्देश
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 27 फरवरी को राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री एमआर कोल, एसडीएम श्री गोपाल सोनी, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव उपस्थित थे। बैठक में कटंगी, वारासिवनी, बैहर, लांजी, परसवाडा के एसडीएम एवं सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार वीडियों कांफ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।
बैठक में सर्वप्रथम फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि लांजी, बालाघाट, किरनापुर एवं बिरसा तहसील में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति बहुत कम है और संतोषजनक नही है। कलेक्टर श्री मीना ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि फार्मर रजिस्ट्री के काम में तेजी लायी जाए। सभी तहसीलों को फार्मर रजिस्ट्री का जो लक्ष्य दिया गया है उसे हर हाल में पूर्ण किया जाए। फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही किसानों को उर्वरक का वितरण शुरू हो गया है, अत: यह एक महत्वपूर्ण कार्य है जो किसानों से जुडा हुआ है। फार्मर रजिस्ट्री नही होने पर किसान को उर्वरक प्राप्त करने में परेशानी होगी और उसे उर्वरक नही मिल पाएगा। अत: सभी अधिकारी इस बात का ध्यान रखे कि सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री शीघ्रता से तैयार की जाए।
नक्शा तरमीम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने निर्देशित किया कि जमीन की रजिस्ट्री होने के साथ ही नामांतरण होना चाहिए और उसके साथ ही नक्शा तरमीम का कार्य हो जाना चाहिए। जिले में विभिन्न स्थानों से शिकायत आती है कि एक ही प्लाट की दो बार रजिस्ट्री हो गई है। सभी एसडीएम एवं तहसीलदार इसकी जांच करें कि प्लाट की एक बार रजिस्ट्री होने के बाद कुछ सालों में उसकी फिर से रजिस्ट्री कैसे हो गई। जिले के नगरीय क्षेत्रों से इस तरह की शिकायतें मिल रही है। इनके निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण हो गया है तो उसका नक्शा काट कर दिया जाए और नक्शें को अपडेट किया जाए। कलेक्टर श्री मीना ने जिले में अवैध रूप से कालोनियॉ तैयार करने और उनके प्लाटों की रजिस्ट्री करने पर रोक लगाने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री मीना ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र का नियमित रूप से भ्रमण करें और सुनिश्चित करे कि पटवारी अपनी नियत मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इसी प्रकार राजस्व निरीक्षकों के कार्यों पर भी कडी निगरानी रखने कहा गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि आरआरसी प्रकरणों में वसूली का लक्ष्य पूरा नही हुआ है, इस पर कलेक्टर श्री मीना ने सभी तहसीलदारों को सख्त निर्देश दिये कि आरआरसी प्रकरणों में सख्ती से वसूली की कार्यवाही की जाए और आवश्यक होने पर कुर्की नीलामी की कार्यवाही करें। प्राकृतिक आपदा से राहत राशि के प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिये गए और कहा गया कि राहत राशि के कोई भी प्रकरण अनावश्यक लंबित न रहें। सडक दुर्घटना में राहत के प्रकरण का त्वरित निराकरण करने कहा गया। समीक्षा के दौरान लामता तहसीलदार के कार्यों की प्रगति संतोषजनक नही पाये जाने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिये गए।
बैठक में नामांकन, सीमांकन, बटवारा के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि यह सभी प्रकरण आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज होने चाहिए। आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का नियत समय सीमा में अनिवार्य रूप से निराकरण करना है। इसी प्रकार साइबर तहसील के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। कलेक्टर श्री मीना ने निर्देशित किया कि राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी के पास प्रकरण लंबित नही रहना चाहिए।
बैठक में जिले के विभिन्न स्थानों पर बनाये जा रहे तहसील भवनों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे भवनों के कार्य का नियमित रूप से निरीक्षण करें और कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान दे। नये बन रहे भवनों में लॉन, गार्डन, बाउंड्रीवाल आदि के कार्य भी करवा ले। बैठक में सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ता को समक्ष में बुलाकर उनके प्रकरणों की सुनवाई करें। इससे शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान होने के साथ ही वह अपनी शिकायत बंद करने सहमत हो जाता है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में समक्ष में की गई सुनवाई में एक माह के भीतर 500 दिनों से अधिक की लंबित 38 शिकायतों को संतुष्टिपूर्वक बंद कराया गया है।

