जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की त्रैमासिक बैठक 30 जनवरी को कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमति शकुन्तला डामोर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निहीत उपाध्याय, जिला अभियोजन अधिकारी श्री कपिल डहेरिया, निरीक्षक अजाक बालाघाट श्री बृजेश कुमार, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अजाक बालाघाट श्री रितुराज कुमरे, जिला आयुष अधिकारी डॉ. मिलिंद चौधरी, प्रोफेशनल असिस्टेंट फॉर रूलर डेवलपमेंट एक्शन श्री शंकर टीम लीडर उपस्थित रहे।
बैठक में सहायक आयुक्त श्रीमती शकुंतला डामोर ने बताया कि 01 अक्टूबर 25 से 31 दिसंबर 25 तक के अत्याचार से पीड़ित अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ितों के 64 प्रकरणों में 70 लाख 25 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई एवं अनुसूचित जाति वर्ग के पीड़ितों के 71 प्रकरणों में 57 लाख 65 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई है । आंबटन उपलब्ध होते ही यह राशि पीडितों को प्रदान कर दी जाएगी। कलेक्टर श्री मीना ने आंबटन उपलब्ध होने के पश्चात तत्काल स्वीकृत प्रकरणों में राशि भुगतान कराने के निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि पुलिस थानों में बहुत से प्रकरण जैसे चालान पेश होने, अभिरक्षा कार्यवाही किये जाने, विवेचना जारी होने एवं जाति प्रमाण पत्र के अभाव में लंबित हैं। जिनकी सूची थानों से प्राप्त कर समय सीमा में निराकरण करवाने के लिए निर्देशित किया गया।

