निजी भूमि से मिट्टी-मुरम के अवैध उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई मायरा रिसोर्ट संचालक समेत 13 लोगों पर 4.99 करोड़ रुपये का जुर्माना

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बैहर तहसील के ग्राम गोहारा में निजी भूमि से बिना वैधानिक अनुमति के बड़े पैमाने पर मिट्टी एवं मुरम के अवैध उत्खनन और परिवहन के मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। अपर कलेक्टर बैहर डी.पी. बर्मन ने मायरा रिसोर्ट के संचालक सहित 13 व्यक्तियों पर कुल 4 करोड़ 99 लाख 6 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। संबंधित पक्षों को यह राशि 30 दिनों के भीतर अपर कलेक्टर न्यायालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर दंड राशि बढ़कर 9 करोड़ 98 लाख 10 हजार रुपये हो जाएगी, जिसकी वसूली भू-राजस्व बकाया की तरह की जाएगी। 35 हजार घन मीटर से अधिक मिट्टी-मुरम का अवैध उत्खनन प्रशासनिक जांच में सामने आया कि ग्राम गोहारा स्थित निर्माणाधीन मायरा रिसोर्ट परिसर के लिए निजी भूमि से लगभग 35 हजार 270 घन मीटर मिट्टी एवं मुरम का अवैध रूप से उत्खनन कर परिवहन किया गया। यह उत्खनन ग्राम गोहारा के भूमि स्वामियों इतवारी गोंड, निस्तोर, मनोहर, अनुस्तिन, चैनसिंह, सीताबाई, मेतुबाई और शांताबाई की भूमि से किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि उत्खनन एवं परिवहन कार्य में जेसीबी मशीनों तथा डम्पर वाहनों का उपयोग किया गया। संबंधित वाहनों में जेसीबी क्रमांक एमपी-50-डीए-0714, एमपी-50-डीएम-436 तथा डम्पर एमपी-50-जेएच-4138 शामिल हैं। रॉयल्टी की 15 गुना राशि का अर्थदंड अपर कलेक्टर न्यायालय बैहर द्वारा मध्यप्रदेश खनिज नियमों के तहत अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि के रूप में 2 करोड़ 49 लाख 52 हजार 500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इसके अतिरिक्त समान राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में तथा 1,000 रुपये प्रसमन शुल्क लगाया गया है। इस प्रकार मायरा रिसोर्ट के संचालक, संबंधित भूमि स्वामियों, जेसीबी एवं डम्पर मालिकों, चालकों तथा ट्रैक्टर मालिकों पर कुल 4 करोड़ 99 लाख 6 हजार रुपये का दंड अधिरोपित किया गया है। मामले में जब्त किए गए डम्पर एवं जेसीबी मशीनों को मालिकों के सुपुर्द तो किया गया है, लेकिन इस शर्त के साथ कि वे वाहनों का विक्रय, हस्तांतरण, रंग-रोगन या किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन नहीं करेंगे। न्यायालय द्वारा मांग किए जाने पर संबंधित वाहन 24 घंटे के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। राशि जमा नहीं करने पर होगी राजस्व वसूली प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि मायरा रिसोर्ट संचालक एवं अन्य जिम्मेदार पक्ष निर्धारित 30 दिनों के भीतर अपने हिस्से की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध भू-राजस्व संहिता के तहत बकाया वसूली की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके अलावा परिवहन अधिकारी को संबंधित डम्पर मालिक के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई कर 30 दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अवैध खनन और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

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